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यवतमाल में भीषण सूखे का संकट, सोयाबीन-कपास की फसलें बर्बाद; किसानों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट

23 Sep 2026
06:20 AM

ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,यवतमाल: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में बारिश की कमी और प्रतिकूल मौसम के कारण खेती पर गंभीर असर पड़ने की खबर सामने आ रही है। जिले के कई इलाकों में सोयाबीन और कपास की फसलें प्रभावित हुई हैं। फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

किसानों के अनुसार, इस वर्ष पर्याप्त और समय पर बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी फसलों की स्थिति खराब हो गई है। सोयाबीन की फसल में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है, वहीं कपास की खेती भी मौसम की मार झेल रही है। कई किसानों ने बताया कि खेती में पहले ही बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर काफी खर्च हो चुका है, लेकिन अब फसल से अपेक्षित उत्पादन नहीं मिलने की चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सबसे बड़ी चिंता आने वाले दिनों में परिवार का खर्च चलाने और खेती से जुड़े कर्ज को चुकाने की है। फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को अगले कृषि सीजन की तैयारी के लिए भी आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कराने और फसल नुकसान का आकलन करने की मांग की है। इसके साथ ही प्रभावित किसानों को सरकारी राहत, फसल बीमा का लाभ और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठ रही है।

यवतमाल जैसे कृषि-प्रधान जिले में खेती पर संकट का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में किसानों की निगाह अब प्रशासन की ओर है कि नुकसान का आकलन कर उन्हें समय पर राहत पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।