ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय ,पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार पर निशाना साधा है।
प्रशांत किशोर ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि लंबे समय तक ‘जंगलराज’ के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों को अब जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया, “अगर वो जंगलराज था तो ये कौन-सा राज है? क्या यह मंगलराज है?”
जमुई मामले को लेकर किशोर ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने नहीं आता, तो संभव है कि मामला पुलिस और प्रशासन के संज्ञान में इतनी जल्दी नहीं आता। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए सरकार पर तंज भी कसा।
रिपोर्टों के मुताबिक, जमुई की घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना की जांच जारी है।
प्रशांत किशोर की टिप्पणी के बाद जमुई की घटना को लेकर बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। हालांकि, सरकार और विपक्ष के नेताओं की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।