Home ফ্যাক্ট ফাইল পঞ্চায়েতের পাঁচ কাহন পৌর বার্তা জেলার চালচিত্র চাষী ভাই বলছি শরীর স্বাস্থ্য জেলার সেনাপতি মাঠে ময়দানে সম্পাদকিয় কলম
BREAKING NEWS
মায়ের শেষ ইচ্ছে পূরণ হয়নি! চিন্ময় প্রভুর পাশে দাঁড়িয়ে ‘বাংলাদেশ রাষ্ট্র’-কে কাঠগড়ায় তসলিমা   •   বাল্যবিবাহ রুখতে মন্দিরে কড়া নিয়ম, বয়সের প্রমাণ ছাড়া বিয়ে নয়   •   স্বায়ত্তশাসনে কোপ, নাকি উচ্চশিক্ষায় সমবণ্টনের চেষ্টা?   •    দিল্লির কূটনীতির মঞ্চে ভারতের নতুন সমীকরণ   •   এশিয়া কাপের ফাইনালে ভারতকে কী কী করতে হবে? সাফল্যের মন্ত্র জানালেন হরমনপ্রীত কৌর   •   একাদশ-দ্বাদশের পড়ুয়াদের ১০ হাজার টাকার সহায়তা বন্ধ? বড় সিদ্ধান্ত ঘিরে জল্পনা

BRICS Summit 2026: विश्व मंच पर रामेश्वरम की विरासत, भारत मंडपम में दिखा रामनाथस्वामी मंदिर का भव्य गलियारा

12 Sep 2026
06:18 PM


ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय ,BRICS Summit 2026: विश्व मंच पर रामेश्वरम की विरासत, भारत मंडपम में दिखा रामनाथस्वामी मंदिर का भव्य गलियारा

BRICS Summit 2026 के दौरान नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई विश्व नेताओं का स्वागत किया। इस दौरान वैश्विक कूटनीति के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी चर्चा में रही।

भारत मंडपम में लगाए गए एक खास बैकड्रॉप ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान खींचा। इसमें तमिलनाडु के रामेश्वरम स्थित प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर के भव्य गलियारे की तस्वीर दिखाई गई। मंदिर की विशाल स्तंभयुक्त वास्तुकला दक्षिण भारत की प्राचीन स्थापत्य परंपरा और आध्यात्मिक विरासत की पहचान मानी जाती है।

खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत अन्य नेताओं को रामनाथस्वामी मंदिर की तस्वीर और उसके महत्व के बारे में जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तमिलनाडु की इस ऐतिहासिक धरोहर की मौजूदगी ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक अलग पहचान दी।

रामेश्वरम में दिखी खास प्रतिक्रिया

रामनाथस्वामी मंदिर की तस्वीर BRICS जैसे बड़े वैश्विक आयोजन में प्रदर्शित किए जाने को लेकर रामेश्वरम में भी उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक मंदिर की तस्वीर नहीं, बल्कि उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने रखने का अवसर है।

तमिलनाडु के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का भी मानना है कि भारत की सभ्यता को समझने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों की विरासत को वैश्विक मंच पर सामने लाना जरूरी है। रामेश्वरम की परंपरा, मंदिर की वास्तुकला और उसकी आध्यात्मिक महत्ता भारत की हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

BRICS मंच पर Tamil Culture की झलक क्यों खास?

BRICS का मंच मुख्य रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था, कूटनीति और रणनीतिक सहयोग से जुड़ा है। ऐसे में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता मिलना भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को भी दर्शाता है।

रामनाथस्वामी मंदिर के गलियारे की तस्वीर के जरिए दक्षिण भारत की वास्तुकला और तमिल सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के शीर्ष नेताओं के सामने प्रस्तुत किया गया। यह संदेश भी गया कि भारत की पहचान केवल उसकी आधुनिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसकी प्राचीन सभ्यता और क्षेत्रीय विविधता से भी बनती है।

BRICS Summit 2026 में रामेश्वरम की यह झलक इसलिए खास बन गई क्योंकि एक ओर जहां भारत दुनिया के सामने आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका रख रहा है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है।

 

news home ads