ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय : BRICS Summit 2026 के बीच आज की शाम बेहद खास होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई प्रमुख नेता BRICS से जुड़े कार्यक्रमों में मौजूद हैं। इस दौरान होने वाला विशेष डिनर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है, क्योंकि इसमें भारत की समृद्ध संस्कृति और अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक खान-पान की झलक देखने को मिलेगी।
BRICS Dinner के मेन्यू में देश के विभिन्न हिस्सों के लोकप्रिय व्यंजनों को शामिल किए जाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश के मशहूर गलौटी कबाब, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी और राजस्थान की कचौरी जैसे पारंपरिक व्यंजन विदेशी मेहमानों को भारतीय स्वाद से रूबरू कराएंगे।
खास बात यह है कि भारतीय मिलेट्स यानी मोटे अनाज को भी मेन्यू में विशेष स्थान दिया गया है। बाजरा और अन्य मिलेट्स को भारतीय खान-पान की पारंपरिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक और पौष्टिक भोजन के तौर पर दुनिया के सामने पेश किया जा सकता है।
इस विशेष डिनर में BRICS देशों के शीर्ष नेता, प्रतिनिधिमंडल और अन्य आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी इसे और महत्वपूर्ण बना रही है। हालांकि, अंतिम अतिथि सूची और प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्थाओं की आधिकारिक पुष्टि कार्यक्रम के अनुसार ही होगी।
भारत के लिए यह डिनर सिर्फ मेहमाननवाजी का अवसर नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का भी एक माध्यम है। अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों को एक ही मेज पर पेश कर भारत अपनी ‘विविधता में एकता’ की पहचान को सामने रख रहा है।
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय भोजन, मिलेट्स और पारंपरिक स्वादों को प्रमुखता देना भारत की सॉफ्ट पावर को भी मजबूत करता है। इससे दुनिया के सामने भारत की पाक परंपरा, कृषि विरासत और क्षेत्रीय विविधता की एक अलग तस्वीर पेश होती है।
प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में आयोजित इस विशेष शाम में जहां वैश्विक कूटनीति पर चर्चा होगी, वहीं भारतीय स्वाद और संस्कृति भी विदेशी मेहमानों के अनुभव का हिस्सा बनेगी। ऐसे में BRICS Dinner 2026 कूटनीति के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और खान-पान की वैश्विक प्रस्तुति का भी खास अवसर बनता दिखाई दे रहा है।