ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय : नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। रविवार को CJP (Cockroach Janata Party) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हालिया विरोध के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद और तेज हुआ है।
इससे पहले 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था।
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन FIR भी दर्ज कीं। इनमें दो FIR संसद मार्ग थाने और एक FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, मामलों में सार्वजनिक आदेश के उल्लंघन और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
इसी बीच, तीन महिला पत्रकारों की शिकायतों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न किया। पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है।
संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर CJP के प्रदर्शन ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी में चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है।