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जहां कभी होती थी नक्सलियों की ट्रेनिंग, अब वहीं ‘मिशन रक्षक’ से सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे युवा

04 Oct 2026
12:30 PM

ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,कांकेर: छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है। अब इसी क्षेत्र में बदलाव की एक तस्वीर सामने आई है। कांकेर पुलिस के ‘मिशन रक्षक’ अभियान के तहत स्थानीय युवा सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। आमाबेड़ा का वह मैदान, जिसका इस्तेमाल पहले उग्रवादियों की ट्रेनिंग के लिए किया जाता था, अब युवाओं की फिजिकल ट्रेनिंग का केंद्र बन गया है।

इस अभियान के तहत युवाओं को राज्य पुलिस, CRPF, BSF, CISF, अग्निवीर समेत विभिन्न केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए मुफ्त शारीरिक और लिखित परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। प्रशिक्षण कांकेर जिले के आमाबेड़ा, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कोयलीबेड़ा और पखांजूरে পরিচালিত হচ্ছে।

सुबह 5:30 बजे से शुरू होती है ट्रेनिंग

‘मिशन रक्षक’ के तहत उम्मीदवारों को सुबह करीब 5:30 बजे मैदान में पहुंचना होता है। वार्म-अप के बाद दौड़, स्प्रिंट, क्रॉलिंग, शॉटपुट, हाई जंप और लॉन्ग जंप जैसी गतिविधियों का अभ्यास कराया जाता है। उम्मीदवारों को 100 मीटर से लेकर 1500 मीटर तक की दौड़ के लिए भी तैयार किया जा रहा है। रोजाना करीब दो घंटे फिजिकल ट्रेनिंग के साथ लिखित परीक्षा की तैयारी भी कराई जाती है।

आमाबेड़ा में सैकड़ों युवा शामिल

पुलिस के मुताबिक, केवल आमाबेड़ा में ही करीब 350 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें लगभग 62 युवतियां भी शामिल हैं। अभियान के अन्य केंद्रों पर भी बड़ी संख्या में युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। सितंबर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अभियान के व्यापक स्तर पर हजारों उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।

‘मावा मोडोल’ में लिखित परीक्षा की तैयारी

फिजिकल ट्रेनिंग के साथ लिखित परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘मावा मोडोल’ नाम से गाइडेंस सेंटर-कम-लाइब्रेरी भी बनाई गई है। स्थानीय बोली में इसका अर्थ ‘हमारा लक्ष्य’ बताया गया है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें और अध्ययन सामग्री युवाओं को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें तैयारी के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत कम हो।

इस पहल में युवतियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय है। कांकेर पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को रोजगार और सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।

कभी जिस मैदान में हिंसा और उग्रवाद का असर दिखाई देता था, वहीं आज युवा वर्दी पहनने के सपने के साथ दौड़ और शारीरिक अभ्यास कर रहे हैं। ‘मिशन रक्षक’ के जरिए कांकेर में स्थानीय स्तर पर युवाओं को सुरक्षा सेवाओं में करियर बनाने की दिशा में प्रशिक्षण देने की कोशिश की जा रही है।