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रीताब्रता बनर्जी के गुट और ‘लिफाफा’ विवाद पर सियासी घमासान

18 Sep 2026
10:55 AM

 

ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी गुटीय संघर्ष अब आगामी उपचुनावों को लेकर और तेज हो गया है। रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतार चुका है। इसी बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच चुनाव आयोग में भी विवाद चल रहा है। 

रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है। दोनों गुटों की ओर से एक ही चुनाव चिह्न के इस्तेमाल को लेकर चुनाव आयोग के सामने मामला पहुंचा है। 

रीतब्रत बनर्जी गुट की ओर से पार्टी के संगठन और चुनावी अधिकारों पर अपना दावा पेश किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज और जानकारी मांगी है तथा 17 सितंबर को दोनों गुटों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। रीतब्रत बनर्जी ने अपने पक्ष में बड़ी संख्या में विधायकों के समर्थन का दावा भी किया है। 

ऐसे में ‘लिफाफा’ को लेकर सामने आए राजनीतिक आरोपों और चुनावी लड़ाई ने विवाद को और चर्चा में ला दिया है। रीतब्रत बनर्जी ने इस मुद्दे पर अपनी प्राथमिकताओं और अपने गुट के रुख को सामने रखा है। हालांकि, ‘लिफाफा’ संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से स्पष्ट नहीं है, इसलिए इस दावे को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

आगामी 6 अक्टूबर के उपचुनावों से पहले तृणमूल के दोनों गुटों के बीच यह टकराव पार्टी के नाम, संगठन और चुनाव चिह्न के अधिकार से लेकर मैदान में उम्मीदवार उतारने तक पहुंच चुका है।