ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय ,नई दिल्ली: NEET-UG से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में प्रस्तावित संस्थागत सुधारों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी मांगी है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की ओर से किए जा रहे काम पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने संबंधित विभाग के संयुक्त सचिव को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसमें समिति की ओर से अब तक की गई कवायद, प्राप्त सुझावों और सुधारों को लागू करने की दिशा में हुई प्रगति का विवरण देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होने की बात सामने आई है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सुधार केवल समितियों की रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू किया जाना जरूरी है। अदालत ने NTA की कार्यप्रणाली, बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली समिति ने व्यापक स्तर पर परामर्श किया है और उसकी रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है। समिति ने पहले की के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों और विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों पर भी विचार किया है।
अदालत ने NTA के स्थायी कर्मचारियों की संख्या और संस्थागत ढांचे पर भी विशेष ध्यान दिया। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि एजेंसी को पर्याप्त स्थायी स्टाफ की जरूरत है और पूरी व्यवस्था केवल प्रतिनियुक्त अधिकारियों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। अदालत ने NTA के स्थायी कार्यालय का निरीक्षण करने की संभावना भी जताई, ताकि यह देखा जा सके कि प्रस्तावित व्यवस्थाएं वास्तव में जमीन पर काम कर रही हैं या नहीं।
NTA ने अपने हालिया हलफनामे में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव, विशेषज्ञों की नियुक्ति और परीक्षा से जुड़े संवेदनशील कामों के लिए नए सुरक्षा इंतजामों की जानकारी दी है। अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इन सुधारों की वास्तविक प्रगति पर आगे सुनवाई होगी।
NEET-UG और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट की यह निगरानी ऐसे समय में हो रही है, जब परीक्षा व्यवस्था में संस्थागत सुधारों को लेकर केंद्र और NTA से लगातार जवाब मांगा जा रहा है।