ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय ,नई दिल्ली/शिलांग: मेघालय की राजनीति में बुधवार, 23 सितंबर को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ विधायक नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। बीजेपी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम और प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बदलाव की जानकारी दी गई। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विधायकों के पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।
इससे पहले पिछले कुछ दिनों से UDP के विधायकों के बीजेपी में जाने को लेकर लगातार अटकलें चल रही थीं। UDP विधायक किर्मेन श्याला ने दावा किया था कि आठ विधायक बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार हैं। बीजेपी नेता अलेक्जेंडर लालू हेक ने भी इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर प्रक्रिया तय हो चुकी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, UDP के इन विधायकों ने मेघालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखे थे। इनमें कोयला खनन से जुड़े मुद्दे, खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, Meghalaya Residents Safety and Security Act (MRSSA) के कार्यान्वयन और हरिजन कॉलोनी के पुनर्वास जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
किर्मेन श्याला ने पहले कहा था कि इन मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी नेताओं के साथ बातचीत हुई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि विधायकों ने पार्टी में शामिल होने से पहले अपनी मांगों को लेकर आश्वासन मांगा था।
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार UDP के पास 12 विधायक और BJP के पास पहले दो विधायक थे। आठ UDP विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी की विधानसभा में संख्या 10 तक पहुंचने की बात कही गई है।
यह घटनाक्रम मेघालय की सियासत में दलों के बीच समीकरण को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इस राजनीतिक बदलाव का सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर अंतिम असर क्या होगा, यह आगे की घटनाओं और विधायकों की भूमिका पर निर्भर करेगा।
नई दिल्ली में बीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आठ UDP विधायकों के पार्टी में शामिल होने की पुष्टि के बाद अब मेघालय की राजनीति में इस घटनाक्रम पर सभी की नजरें हैं।