ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय , पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर 56 लाख का आंकड़ा बताते हुए राहत और पुनर्वास के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
पप्पू यादव का आरोप है कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद प्रभावित आबादी के आकलन और राहत व्यवस्था में पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार को विशेष राहत पैकेज देने और बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी उठाई है।
हाल की रिपोर्टों के अनुसार, बिहार के कई जिलों में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। 9 सितंबर की रिपोर्ट में 14 जिलों में 40 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में पप्पू यादव ने प्रभावित लोगों की संख्या 56 लाख बताई।
पप्पू यादव ने सरकार से प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए तटबंधों, नदियों और जल निकासी व्यवस्था पर भी ठोस योजना बनाने की आवश्यकता बताई।
हालांकि, 56 लाख लोगों के भुखमरी का शिकार होने का दावा पप्पू यादव का बयान है; उपलब्ध रिपोर्टों में 56 लाख लोगों के बाढ़ प्रभावित होने की बात सामने आती है, लेकिन सभी 56 लाख लोगों के भुखमरी का शिकार होने की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।