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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, कोटा पुलिस से तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मुंबई रवाना हुई पुलिस

20 Oct 2026
11:35 AM


ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय, मुंबई/कोटा: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान के कोटा में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम तीनों आरोपियों को लेकर सड़क मार्ग से मुंबई के लिए रवाना हुई। अब मुंबई में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर फायरिंग की घटना से जुड़े कई अहम पहलुओं का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। 

कोटा में गिरफ्तार हुए थे तीनों आरोपी

पुलिस के मुताबिक, अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। बताया गया कि टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी और आरोपियों की तलाश में कई विशेष टीमें गठित कीं।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और अन्य सुरागों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई से बाहर निकलकर दूसरे राज्यों के रास्ते फरार होने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया।

संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीनों संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उन्हें रेलवे कॉलोनी पुलिस थाने में रखा गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

अदालत ने दी 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को कोटा में संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और मेडिकल जांच के बाद अदालत ने मुंबई पुलिस को तीनों आरोपियों की 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड प्रदान की। इसके बाद आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।

ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य आरोपियों को दूसरे क्षेत्राधिकार में ले जाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच पूरी करना है। मुंबई पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि फायरिंग की घटना के पीछे क्या कारण था, वारदात की योजना किसने बनाई और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। 

रात में यात्रा टालने के बाद बदली गई रणनीति

रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने शुरुआत में आरोपियों को रात में ही कोटा से मुंबई ले जाने की योजना बनाई थी। हालांकि, बाद में यात्रा टाल दी गई और आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रेलवे कॉलोनी पुलिस थाने में रखा गया।

कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा के अनुसार, पुलिस टीम लंबी यात्रा और लगातार पूछताछ के कारण थक गई थी। रात में यात्रा करना सुरक्षित नहीं समझा गया, इसलिए टीम ने सुबह रवाना होने का निर्णय लिया। मंगलवार को मुंबई पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर सड़क मार्ग से मुंबई के लिए रवाना हुई। 

मुंबई से कोटा तक कैसे पहुंचे आरोपी?

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग के बाद मुंबई से भागने के लिए कई साधनों का इस्तेमाल किया। पुलिस की जांच में सामने आया कि उन्होंने कथित तौर पर अंधेरी इलाके के पास मोटरसाइकिल छोड़ दी, इसके बाद स्थानीय ट्रेन से बोरीवली पहुंचे और वहां से कैब के जरिए गुजरात के सूरत गए।

इसके बाद वे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हुए। मुंबई क्राइम ब्रांच ने उनकी गतिविधियों का पता लगाकर राजस्थान पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने फरार होने की योजना कैसे बनाई और क्या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति की मदद मिली थी। 

फायरिंग के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस

इस मामले में पुलिस की जांच कई पहलुओं पर केंद्रित है। जांचकर्ता आरोपियों की भूमिका, कथित हमले के पीछे के मकसद, हथियारों की उपलब्धता और संभावित साजिश की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या फायरिंग से पहले अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी गई थी।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की खबर है। हालांकि, घटना के पीछे के वास्तविक मकसद और किसी व्यापक आपराधिक साजिश में अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 

आगे की जांच पर टिकी निगाहें

तीनों आरोपियों को मुंबई ले जाने के बाद पुलिस उनसे आमने-सामने पूछताछ कर सकती है। जांच का उद्देश्य फायरिंग की पूरी घटनाक्रम को स्पष्ट करना, इस्तेमाल किए गए हथियारों का पता लगाना और यह निर्धारित करना है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना ने फिल्म जगत और सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।