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पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मिले अमित शाह, न्याय और सुरक्षा का दिया भरोसा

20 Oct 2026
11:04 AM


ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,संगरूर, पंजाब: पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार और इससे जुड़े विवादों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव में गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। गुलजार सिंह ने अपने इलाके में नशीले पदार्थों की कथित खुलेआम बिक्री और अपने बेटे की नशे की लत का मुद्दा उठाया था। उनकी मौत के बाद यह मामला राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। 

अमित शाह पंजाब के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उनका उद्देश्य नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की मौत से प्रभावित परिवारों से मिलना और उनकी समस्याओं को सुनना था। संगरूर में गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने की मांग रखी। 

नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने के बाद विवाद

गुलजार सिंह संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव के निवासी और दिहाड़ी मजदूर थे। परिवार के अनुसार, उनका बेटा नशे की लत से जूझ रहा था। बेटे की हालत और गांव में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता से परेशान होकर गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने यह मुद्दा उठाया था।

परिवार और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मामले को उठाने के बाद गुलजार सिंह पर दबाव बनाया गया और उनसे माफी मांगने को कहा गया। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पंजाब में नशे की समस्या और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। 

हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर दूसरे पक्ष ने अलग दावा किया था। गांव की सरपंच के परिवार की ओर से गुलजार सिंह को धमकाने या माफी मांगने के लिए मजबूर करने के आरोपों से इनकार किया गया था। इसलिए मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

अमित शाह से परिवार ने की न्याय की मांग

अमित शाह के साथ मुलाकात में गुलजार सिंह के परिजनों ने कथित तौर पर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, गृह मंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। परिवार की ओर से मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग भी सामने आई है। 

गुलजार सिंह की मौत ने नशे की समस्या से जूझ रहे परिवारों की मुश्किलों को फिर से चर्चा में ला दिया है। यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने नशे की उपलब्धता, स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निपटारे और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिलने जैसे सवालों को भी सामने रखा है।

पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई बना अहम मुद्दा

पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रही है। युवाओं में नशे की लत, अवैध आपूर्ति और इससे प्रभावित परिवारों की परेशानियां राज्य के लिए बड़ी चुनौती हैं। गुलजार सिंह के मामले ने इस बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।

अमित शाह के दौरे के दौरान अन्य प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात का कार्यक्रम था। इनमें गुरदासपुर में नशे के कारोबार का विरोध करने के बाद कथित हमले में जान गंवाने वाले बिक्रमजीत सिंह और मानसा के नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार शामिल थे। इन घटनाओं ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। 

जांच और जवाबदेही पर टिकी निगाहें

गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले में परिवार के आरोपों, दूसरे पक्ष के जवाब और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, कानून के अनुसार कार्रवाई और प्रभावित परिवार को सुरक्षा देना महत्वपूर्ण है।

अमित शाह की गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परिवार की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा शिकायत करने वाले लोगों का भरोसा कायम रखने की चुनौती भी इस घटना के साथ फिर सामने आई है।