ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,कोलकाता: उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने अपोलो अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति और उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की जानकारी ली। इस हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और प्रशासन घायलों के इलाज तथा घटना की जांच पर ध्यान दे रहा है।
शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ मरीजों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य घायलों को साल्ट लेक स्थित अपोलो अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया।
स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं और उपचार की स्थिति पर ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपोलो अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि कम से कम 25 लोग घायल हुए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भारी भीड़ और बारिश के बीच प्रवेश तथा निकास मार्गों पर दबाव बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। स्वास्थ्य मंत्री ने भी प्रवेश और निकास के रास्तों पर भीड़ के जमाव तथा बारिश को हादसे के प्रमुख संभावित कारणों में बताया। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच जारी है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, भगदड़ में घायल 14 लोगों को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से पांच मरीज गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में थे, जबकि अन्य मरीज सामान्य वार्ड में उपचार करा रहे थे। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर थी, हालांकि कुछ मरीजों को विशेष निगरानी की आवश्यकता थी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और पूजा आयोजन तथा भीड़ प्रबंधन से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना के बाद बड़े पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास के रास्तों की व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठे हैं।
चोरबागान हादसे के बाद प्रशासन के सामने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और घटना की जिम्मेदारी तय करने की चुनौती है। स्वास्थ्य मंत्री का अस्पताल पहुंचना इसी आपात स्थिति के दौरान मरीजों की देखभाल का जायजा लेने से जुड़ा कदम था।
अब सभी की नजर जांच के निष्कर्षों और सुरक्षा व्यवस्था में किए जाने वाले सुधारों पर है, ताकि भविष्य में धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।