ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,कलबुर्गी : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने इस दुखद घटना पर राजनीति नहीं करने की अपील करते हुए भाजपा नेताओं को वर्ष 2016 में कोलकाता में हुए फ्लाईओवर हादसे पर उनकी प्रतिक्रियाओं की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी सरकार के साथ हो सकती हैं और इस समय संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है।
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक खड़गे ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की त्रासदी का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं और केंद्र के नेतृत्व से अपील की कि वे इस घटना पर प्रतिक्रिया देते समय सहानुभूति और संवेदनशीलता बनाए रखें।
खड़गे ने वर्ष 2016 में कोलकाता में हुए निर्माणाधीन फ्लाईओवर के ढहने की घटना का उल्लेख करते हुए भाजपा नेताओं की उस समय की प्रतिक्रियाओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि जब इस तरह की दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाती है, तो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करना और राहत कार्यों पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।
उनका संदेश था कि दुर्घटनाएं किसी भी सरकार के कार्यकाल में हो सकती हैं। ऐसे समय में राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। 18 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में 19 लोगों की मौत हुई और 25 लोग अस्पताल में भर्ती हुए। शुरुआती जानकारी में भीड़ के दबाव, बारिश और आयोजकों की ओर से की गई एक घोषणा को संभावित कारणों के रूप में सामने रखा गया। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के आधार पर किया जाना है।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू की। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और कहा कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रियंक खड़गे ने अपनी प्रतिक्रिया में 31 मार्च 2016 को कोलकाता में हुए निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे का संदर्भ दिया। उस दुर्घटना में फ्लाईओवर का एक हिस्सा ढहने से कई लोगों की जान चली गई थी और अनेक लोग घायल हुए थे। उस समय भी घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले थे।
खड़गे का तर्क था कि जब कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो राजनीतिक दलों को अपने पुराने बयानों और प्रतिक्रियाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसी त्रासदियों के दौरान संवेदना और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि दुर्घटनाएं किसी एक राजनीतिक दल या सरकार तक सीमित नहीं होतीं।