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वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी निचले इलाकों में परेशानी

28 Sep 2026
11:50 AM

ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय, वाराणसी: वाराणसी में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। हाल के दिनों में जलस्तर घटने के बाद घाटों और तटवर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य होने लगी थी, लेकिन 28 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर फिर बढ़ रहा है।

जलस्तर घटने के दौरान घाटों की सीढ़ियां धीरे-धीरे दिखाई देने लगी थीं और कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां भी बहाल हुई थीं। अस्सी घाट पर गंगा आरती भी निर्धारित स्थान पर फिर से शुरू हो गई थी। हालांकि, बाढ़ के बाद घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में गाद और कीचड़ जमा होने से सफाई का काम जारी रहा।

वहीं, गंगा और वरुणा नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रही। पूर्व में नक्खीघाट, सलारपुर, सरैया, हुकुलगंज और कोनिया जैसे इलाकों में बाढ़ के पानी का असर दर्ज किया गया था।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 28 सितंबर को राजघाट गेज पर गंगा का जलस्तर 66.52 मीटर दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे था, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।

प्रशासन की ओर से तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। जलस्तर में लगातार बदलाव के कारण घाटों, नदी किनारे के रास्तों और निचले इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।