ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय : मुंबई में गणेश चतुर्थी के साथ ही गणेशोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 2026 में बप्पा के प्रथम दर्शन सामने आने के बाद उनकी भव्य और आकर्षक प्रतिमा ने भक्तों का विशेष ध्यान खींचा है।
इस वर्ष लालबागचा राजा को भव्य सिंहासन पर विराजमान स्वरूप में देखा जा रहा है। प्रतिमे का शांत और आकर्षक स्वरूप श्रद्धालुओं के बीच खास चर्चा का विषय बना हुआ है। गणेश चतुर्थी के पहले ही बड़ी संख्या में लोग बप्पा की एक झलक पाने के लिए लालबाग पहुंचने लगे थे।
गणेशोत्सव के पहले दिन से ही लालबागचा राजा के दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। रिपोर्टों के अनुसार, कई श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धा के साथ बप्पा के दर्शन करने पहुंचे।
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना 1934 में हुई थी और इस वर्ष मंडल अपना 93वां गणेशोत्सव मना रहा है। मंडल के अनुसार, 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मुंबई में यातायात और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं।
बप्पा की भव्य प्रतिमा और दर्शन के लिए उमड़ती भीड़ ने मुंबई के गणेशोत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया है। श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ अपनी मनोकामनाओं के लिए लालबागचा राजा के दरबार में पहुंच रहे हैं।