ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड को स्थानीय लोगों के साथ सुना। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, आम नागरिकों के योगदान और समाज में बदलाव लाने वाली पहलों को सामने लाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के खेड़ा कलां गांव में नगर निगम पार्षद के कार्यालय में स्थानीय निवासियों के साथ कार्यक्रम सुना। इस दौरान सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक राज करण खत्री सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरल और सहज भाषा में देश के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे आम लोगों, सामाजिक संगठनों और अलग-अलग समुदायों के प्रयासों को देश के सामने रखते हैं। इससे न केवल उन लोगों के काम को पहचान मिलती है, बल्कि दूसरे लोगों को भी समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम हमेशा से देश के 140 करोड़ लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही अच्छी पहलों और समाज को लाभ पहुंचाने वाले प्रयासों की जानकारी लोगों तक पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में समाज के हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों के योगदान को सामने लाते हैं। इससे देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों को समझने का अवसर मिलता है और नागरिकों को जनहित के कार्यों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जनता की ओर से प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि वह लगातार ऐसे विषयों को लोगों के सामने लाते हैं, जिनसे समाज को कुछ नया सीखने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में आम नागरिकों द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और जमीनी स्तर पर चल रही पहलों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें देशवासियों के परिश्रम, साहस, समर्पण और सेवा भावना को करीब से जानने तथा उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर मिलता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पंजाब में पारंपरिक खेती के तरीकों, हथकरघा और बुनाई के जरिए महिलाओं की आत्मनिर्भरता तथा उत्तराखंड में नदियों के संरक्षण से जुड़े प्रयासों का जिक्र किया। इन उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों के योगदान को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कार्यक्रम के इसी पहलू को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, जब देश के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की कहानियां व्यापक स्तर पर सामने आती हैं, तो अन्य नागरिकों को भी अपने आसपास बदलाव लाने के लिए प्रेरणा मिलती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि ‘मन की बात’ की शुरुआत 12 वर्ष पहले विजयादशमी के अवसर पर हुई थी। अक्टूबर 2014 में शुरू हुआ यह मासिक रेडियो कार्यक्रम समय के साथ देशभर के श्रोताओं तक पहुंचा है।
प्रधानमंत्री ने श्रोताओं को इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनके सुझावों और सहभागिता ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने आम नागरिकों के परिश्रम, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता बताया।
‘मन की बात’ में समय-समय पर सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक और जनभागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा की जाती रही है। कार्यक्रम के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों और लोगों के अनुभवों को व्यापक मंच मिलता है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजधानी के गांवों में लंबे समय से सड़क, बस सेवा, स्ट्रीट लाइट, सीवर व्यवस्था, पेयजल पाइपलाइन और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रही हैं। सरकार इन समस्याओं को दूर करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच सुविधाओं के अंतर को कम करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका लक्ष्य है कि राजधानी के सभी इलाकों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और विकास का लाभ प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे।
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली के गांवों की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाले अच्छे कार्यों को पहचानें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं के सुधार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सहयोग से ही विकास कार्यों को गति दी जा सकती है। जब लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समाज के हित में योगदान देते हैं, तो सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं बढ़ती हैं।
रेखा गुप्ता ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान और उनके आदर्शों का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी को महान व्यक्तित्वों के विचारों तथा भारतीय संस्कृति से परिचित कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड के दौरान आम नागरिकों के योगदान, स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषय प्रमुख रहे। प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों के काम को सामने रखा, जो अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस तरह के संवाद नागरिकों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और देश के विकास में भागीदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
खेड़ा कलां में स्थानीय निवासियों के साथ कार्यक्रम सुनने के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विकास और जनभागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार, स्थानीय प्रतिनिधियों और जनता के साझा प्रयासों से राजधानी के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड को सुनने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे देश के नागरिकों को प्रेरित करने, समाज के सकारात्मक प्रयासों को पहचान दिलाने और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया।