ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय,नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (JETCO) के बिजनेस प्लेनरी के 16वें सत्र को संबोधित किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस कार्यक्रम में ब्रिटेन के व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स, स्कॉटलैंड के राज्य मंत्री डगलस अलेक्जेंडर, भारत के केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद तथा दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
JETCO की बैठक भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। इस तरह की बैठकों के माध्यम से दोनों देशों के प्रतिनिधि व्यापारिक अवसरों, उद्योगों के बीच सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हैं।
बैठक में दोनों देशों के व्यावसायिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने और व्यापारिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग को बढ़ाना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार विस्तार की संभावनाएं सामने आई हैं। प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाओं, नवाचार और निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में ऐसे संवाद अहम भूमिका निभा सकते हैं।
JETCO के 16वें सत्र में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया। इस बैठक से कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने और भविष्य में नए आर्थिक अवसरों की तलाश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
भारत मंडपम में आयोजित यह बैठक भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संवाद को मजबूत करने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। दोनों देशों के सरकारी प्रतिनिधियों और कारोबारी जगत के बीच बेहतर समन्वय से व्यापारिक साझेदारी, निवेश और उद्योगों के विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं।
हालांकि, बैठक में लिए गए किसी विशिष्ट निर्णय, घोषित निवेश या तय किए गए व्यापारिक लक्ष्य की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। ऐसे में आगे की आधिकारिक घोषणाओं से ही बैठक के ठोस परिणामों का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।