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नशे के खिलाफ केंद्र का बड़ा रोडमैप, 2029 तक ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ का लक्ष्य

06 Sep 2026
12:46 PM

 

ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय , दिल्ली : पणजी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की रणनीति को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद रहे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नशीले पदार्थों पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद आयोजित की गई। 

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए अगले तीन वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय बताया। 

सरकार की रणनीति में खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई, नशीले पदार्थों और सिंथेटिक ड्रग्स के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर पर नियंत्रण, नशे की मांग कम करना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है। अगले तीन वर्षों में 100 अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने, 100 फरार आरोपियों को भारत लाने और 100 अवैध ड्रग लैब नष्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। 

अमित शाह के मुताबिक, अभियान के तहत 50 करोड़ लोगों तक जागरूकता पहुंचाने और एक लाख ‘नशा मुक्त मित्र’ तैयार करने का भी लक्ष्य है। देश में नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,751 करने की योजना है।

गोवा सरकार भी नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जोर देती रही है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पहले भी पुलिस, एंटी-नारकोटिक्स सेल और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से कार्रवाई तेज करने की बात कही है। 

मुख्य बिंदु:

  • 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य

  • 100 बड़े ड्रग नेटवर्क ध्वस्त करने की योजना

  • 100 फरार आरोपियों को भारत लाने का लक्ष्य

  • 100 अवैध ड्रग लैब नष्ट करने की तैयारी

  • 50 करोड़ लोगों तक नशामुक्ति अभियान पहुंचाने का लक्ष्य

  • नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,751 करने की योजना